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Kolkata: BK Sisters Tie Rakhis to Governor and Ministers
Kolkata Museum Service: BK Sisters Tie Rakhis to the Governor and Ministers of West Bengal
कोलकाता म्यूज़ियम की बी.के. बहनों ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, मंत्रियों एवं विशिष्ट अधिकारियों को बाँधी राखी
कोलकाता। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूज़ियम की बी.के. बहनों ने पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल, मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से भेंट कर उन्हें पवित्र रक्षासूत्र बाँधा और शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा समाज में की जा रही विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।
माननीय राज्यपाल से भेंट
कोलकाता की बी.के. बहनों बी.के. मुन्नी दीदी, बी.के. अंजलि बहन, बी.के. चन्द्रा बहन एवं बी.के. सुप्रिया बहन ने माननीय राज्यपाल, पश्चिम बंगाल, श्री आर.एन. रवि जी को राखी बाँधकर रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर बी.के. बहनों ने माननीय राज्यपाल जी को ग्लोबल एनलाइटनमेंट रिट्रीट सेंटर, कोलकाता पधारने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण दिया। साथ ही उन्हें अक्टूबर माह में शांतिवन में आयोजित होने वाले ग्लोबल समिट में सम्मिलित होने के लिए भी आमंत्रित किया गया।
वित्त मंत्री को बाँधी राखी
बी.के. माधुरी बहन, वरिष्ठ बहन, कोलकाता म्यूज़ियम एवं बी.के. रुमकी बहन ने पश्चिम बंगाल सरकार के माननीय श्री स्वपन दासगुप्ता जी को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राखी बाँधी। इस दौरान उन्हें ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा की जा रही विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवाओं से अवगत कराया गया तथा ईश्वरीय सौगात भेंट की गई।
लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री से मुलाकात
बी.के. अंजलि बहन एवं बी.के. मुनीश भाई ने माननीय डॉ. अजय कुमार पोद्दार जी, मंत्री-प्रभारी, लोक निर्माण विभाग एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार को राखी बाँधकर रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर उन्हें ब्रह्माकुमारीज़ की विभिन्न सेवाओं से अवगत कराया गया तथा ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर पधारने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण भी दिया गया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री को दी “शाश्वत योगिक खेती” की जानकारी
बी.के. चन्द्रा बहन एवं बी.के. सुप्रिया बहन ने माननीय श्री दिलीप घोष जी, मंत्री-प्रभारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार को रक्षाबंधन के अवसर पर राखी बाँधकर शुभकामनाएँ दीं।
इस दौरान उन्हें ब्रह्माकुमारीज़ के “शाश्वत योगिक खेती” प्रकल्प के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि संस्था किसानों को प्रशिक्षण प्रदान कर खेती में योग एवं सकारात्मक संकल्पों के प्रयोग का महत्व समझा रही है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण को कृषि पद्धति के साथ जोड़ने से किसानों में सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
GRSE के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षाबंधन समारोह
बी.के. सुप्रिया बहन एवं बी.के. मुनीश भाई ने Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) के माननीय CMD को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राखी बाँधकर शुभकामनाएँ दीं। साथ ही श्री सुनील कुमार जी, Director (Personnel), GRSE को भी राखी बाँधी गई। इस अवसर पर भाई आई.एस. सिंह जी भी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने ब्रह्माकुमारीज़ की विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवाओं तथा विशेष रूप से Security Wing के अंतर्गत सुरक्षा बलों एवं कर्मियों के लिए आयोजित किए जा रहे राजयोग मेडिटेशन, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं मूल्य-आधारित कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्हें ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर पधारने का स्नेहपूर्ण निमंत्रण भी दिया गया।
इस अवसर पर माननीय CMD ने बी.के. बहनों को स्मृति-चिह्न (Memento) भेंट कर सम्मानित भी किया।
रक्षाबंधन के इस पावन सेवा अभियान के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज़ ने पवित्रता, आत्मिक भाईचारे, सकारात्मकता और मानवीय मूल्यों का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाया।
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Brahma Kumaris Celebrate Raksha Bandhan at Fort William Kolkata
ब्रह्माकुमारी बहनों के साथ आध्यात्मिक भाव से मनाया रक्षाबंधन पर्व
ईस्टर्न कमांड मुख्यालय में सेना के अधिकारियों एवं जवानों को बांधा रक्षा सूत्र
कोलकाता। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर फोर्ट विलियम स्थित ईस्टर्न कमांड मुख्यालय (विजय दुर्ग), कोलकाता में विशेष रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज कोलकाता म्यूजियम सेंटर की बहनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने भारतीय सेना के अधिकारियों एवं जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की आध्यात्मिक शुभकामनाएं दीं। बहनों ने बताया कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का पर्व नहीं, बल्कि स्वयं को नकारात्मक विचारों एवं विकारों से सुरक्षित रखने, श्रेष्ठ कर्मों का संकल्प लेने तथा परमात्मा से अपने संबंध को मजबूत करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम में ईस्टर्न कमांड मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह की विशेष उपस्थिति रही। ब्रह्माकुमारी बहनों ने उन्हें भी रक्षा सूत्र बांधा तथा परमात्मा की स्मृति के प्रतीक स्वरूप परमात्मा का चित्र एवं आध्यात्मिक संदेश भेंट किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी चन्द्रा बहन एवं सुप्रिया बहन ने संस्था द्वारा समाज में की जा रही विभिन्न आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों एवं उनके परिवारों के बीच सकारात्मक चिंतन, आंतरिक शक्ति, तनावमुक्त जीवन एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया।
लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह ने ब्रह्माकुमारीज द्वारा समाज में किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और सकारात्मक मूल्यों के माध्यम से समाज में शांति, शक्ति एवं सद्भावना का प्रसार महत्वपूर्ण है।
रक्षाबंधन का यह आयोजन बाहरी सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक शक्ति, आत्म-सुरक्षा और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला रहा। भारतीय सेना के अधिकारियों एवं जवानों के लिए यह कार्यक्रम आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण एवं प्रेरणादायी अनुभव बना।
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पश्चिम बंगाल के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री से ब्रह्माकुमारी बहनों की स्नेह मुलाकात
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने मंत्री महोदय को ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में संचालित मूल्यनिष्ठ शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, तनाव प्रबंधन, राजयोग मेडिटेशन तथा व्यक्तित्व निर्माण जैसे विभिन्न सेवा कार्यों की जानकारी दी। बीके सुप्रिया बहन ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा महाविद्यालयों में संचालित “राजयोग थॉट लैब” पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में सकारात्मक चिंतन, आत्म-नेतृत्व, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, नैतिक मूल्यों तथा ध्यान (राजयोग मेडिटेशन) के द्वारा समग्र व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ब्रह्माकुमारी बहनों ने भारत सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे जनजागरण कार्यों की जानकारी भी दी तथा राज्य के स्कूलों एवं कॉलेजों में नशा मुक्ति, जीवन-मूल्य, मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली विषयों पर संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
श्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शिक्षा एवं समाजोत्थान के क्षेत्र में किए जा रहे रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में नैतिक मूल्यों का विकास तथा नशा-मुक्त समाज का निर्माण आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
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Historic Event Organized by Brahma Kumaris at Victoria Memorial Hall, Kolkata
कोलकाता | 27 मार्च 2026
विश्व रंगमंच दिवस एवं दादी जानकी जी की 6वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में “जीवन के नाटक में स्थिरता का अभ्यास” विषय पर एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल हॉल (Victoria Memorial Hall) में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं ब्रह्माकुमारीज़ कोलकाता म्यूज़ियम के संयुक्त सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर एक विशेष आध्यात्मिक संयोग भी देखने को मिला—सन 1981 की अव्यक्त मुरली में बापदादा ने कहा था कि विक्टोरिया ग्राउंड स्वयं ऑफर करेंगे, और यह बाबा के महावाक्य साकार हुए जब कानन दीदी की 13वीं के अवसर पर इस पावन स्थल का निमंत्रण प्राप्त हुआ। ब्रह्माकुमारीज़ के यज्ञ के इतिहास में यह पहली बार था कि इस प्रतिष्ठित स्थान पर इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें 700 से अधिक भाई-बहनों एवं गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक राजयोग ध्यान से हुई, जिसके पश्चात मंचासीन अतिथियों का पुष्प एवं उत्तरीय द्वारा स्वागत किया गया। स्वागत भाषण श्री सयान भट्टाचार्य (डायरेक्टर, इंडियन म्यूज़ियम एवं सचिव एवं क्यूरेटर, विक्टोरिया मेमोरियल हॉल) द्वारा प्रस्तुत किया गया। वे इस विशेष कार्यक्रम के आयोजन एवं उसे सफल बनाने में भी निमित्त बने। उन्होंने दादी जानकी जी एवं कानन दीदी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
मुख्य वक्ता बीके सुप्रिया बहन ने अपने उद्बोधन में कहा—
“आज दुनिया विश्व रंगमंच दिवस मना रही है… और हम एक ऐसे दिव्य अभिनेता को याद कर रहे हैं… जिसने हर परिस्थिति में स्थिरता को जीकर दिखाया।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिरता का अर्थ बाहरी परिस्थितियों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि अंदर से अडिग रहना है— “मैं भूमिका नहीं हूँ… मैं भूमिका निभाने वाला हूँ।” उन्होंने आगे कहा कि एक सच्चा अभिनेता अपनी अभिनय पर ध्यान देता है, न कि दूसरों की भूमिका पर—“दूसरे क्या कर रहे हैं… वह उनका पात्र है, मैं क्या कर रहा हूँ… वह मेरा कर्म है।”
बीके जया बहन द्वारा गहन ध्यान का अनुभव कराया गया तथा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की गई।
प्रख्यात नृत्यांगना एवं समाजसेवी अलोकानंदा रॉय ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में सीखा है कि प्रेम सर्वोच्च शक्ति है और प्रेम किसी को भी बदल सकता है। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से संगीत, नृत्य, कला, देखभाल और करुणा के द्वारा सुधार गृहों के कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
श्री बिनोद कुमार सिंह (डायरेक्टर, राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय संगठन, भारत सरकार) ने भी अपने शुभ संदेश दिए।
बीके अंजलि बहन ने दादी जानकी जी के चार सशक्त शब्दों को साझा किया—
“शेयर… केयर… इंस्पायर… एम्पावर…” और बताया कि यदि हमें जीवन के इस नाटक में निपुण बनना है, तो इन मूल्यों को अपने जीवन में धारण करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में दादी जानकी जी के जीवन पर आधारित प्रेरणादायक वीडियो भी प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को गहराई से भाव-विभोर कर दिया।
श्री वीरेन्द्र भाई (आईपीएस, पूर्व पुलिस महानिदेशक, पश्चिम बंगाल एवं राज्य मुख्य सूचना आयुक्त) ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजयोग ने उन्हें जीवन की चुनौतियों को पार करने की शक्ति दी है। जब हम परमात्मा से जुड़ते हैं, तो आत्मा शक्तिशाली बनती है और हर परिस्थिति का सामना सहजता से कर पाती है।
अंत में बीके मुन्नी बहन, सब ज़ोन इंचार्ज, पूर्वी ज़ोन मुख्यालय, ब्रह्माकुमारीज़, कोलकाता ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सभी को एक-दूसरे के प्रति शुभ भावनाएँ और शुभ कामनाएँ रखनी चाहिए, क्योंकि यही आध्यात्मिकता का सच्चा आधार है।
कार्यक्रम का समापन गहन ध्यान अनुभव, ईश्वरीय उपहार वितरण एवं धन्यवाद के साथ हुआ।
इस अवसर का सार यही रहा—ज़िंदगी का नाटक चलता रहेगा…
लेकिन यदि अभिनेता जागरूक है…तो हर दृश्य में गरिमा, शांति और स्थिरता बनी रहेगी…
और वह स्वयं के साथ-साथ दूसरों के लिए भी प्रकाश का स्रोत बन जाएगा।
On the occasion of World Theatre Day and the 6th Ascension Anniversary of Dadi Janki, a grand spiritual program on the theme “Mastering Stability in Life’s Drama” was organised at the historic Victoria Memorial Hall, in collaboration with the Ministry of Culture, Government of India and Brahma Kumaris Kolkata Museum.
In an Avyakt Murli of 9.3.1981, BapDada had said that Victoria Ground would itself be offered, and this divine statement became a reality when, on the occasion of Kanan Didi’s 13th day ceremony, an invitation for this sacred venue was received.In the history of the Brahma Kumaris Yagya, this was the first time such a program was held at this prestigious location, with participation from more than 700 brothers, sisters, and distinguished guests.
The program began with collective Rajyoga meditation, followed by a floral and uttariya welcome of the dignitaries on stage. The welcome address was delivered by Dr. Sayan Bhattacharya (Director, Indian Museum and Secretary & Curator, Victoria Memorial Hall), who was also instrumental in organizing and successfully conducting this special event. He paid tribute to Dadi Janki and Kanan Didi.
The keynote speaker, BK Supriya Behn from Mt. Abu, said:
“Today the world is celebrating World Theatre Day… and we are remembering such a divine actor… who demonstrated stability in every situation.”
She explained that stability does not mean controlling external circumstances, but remaining internally stable—“I am not the role… I am the one who plays the role.”
She further added that a true actor focuses on their own performance, not on others’ roles:“What others are doing is their role…What I am doing is my karma.”
BK Jaya Behn guided a deep meditation experience, and the lighting of the ceremonial lamp elevated the spiritual atmosphere of the event.
Renowned dancer and social worker Alokananda Roy shared that she has learned in life that love is supreme, and love has the power to transform anyone. Through her work, she has brought positive change in the lives of inmates in correctional homes using music, dance, art, care, and compassion.
Dr.Binod Kumar Singh (Director,NATMO) also conveyed his good wishes.
BK Anjali Behn, Rajyoga Teacher, Kolkata Museum shared four powerful words of Dadi Janki—
“Share… Care… Inspire… Empower…”
and emphasized that to master the drama of life, these values must be imbibed.
A video based on Dadi Janki’s life was also presented, deeply touching all.
Shri Virendra Bhai (IPS, Former DGP of West Bengal and State Chief Information Commissioner) shared his experience that Rajyoga meditation gave him the power to overcome life’s challenges. When we connect with the Supreme, the soul becomes powerful and is able to face every situation with ease.
In the end, BK Munni Behn, Sub Zone Incharge, Eastern Zone Headquarters, Brahma Kumaris, Kolkata, in her blessings said that everyone should maintain pure feelings and good wishes for one another, as this is the true foundation of spirituality.
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